Uttarakhand

ITI में बढ़ेंगी सुविधाएं और सीटें, मंत्री सौरभ बहुगुणा ने दिए ‘अभिभावक संवाद’…

उत्तराखंड के युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा और बेहतर तकनीकी कौशल से जोड़ने के लिए धामी सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश के कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस बैठक का मुख्य फोकस राज्य में संचालित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में छात्रों की संख्या बढ़ाना, बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुसार युवाओं को तैयार करना रहा।

अभिभावकों से सीधे जुड़ेंगे अधिकारी, कॉलेजों के बाहर लगेंगे होर्डिंग्स
आगामी एडमिशन (भर्ती) सत्र को देखते हुए कौशल विकास मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि विभाग की जनकल्याणकारी और रोजगारपरक योजनाओं का जमीन पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने एक नई पहल पर जोर देते हुए कहा: “हमें केवल छात्रों तक ही सीमित नहीं रहना है। विभाग के अधिकारी प्रदेश के स्कूल और कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों (Parents) से सीधा संवाद स्थापित करें। जब माता-पिता को कौशल विकास योजनाओं के फायदे समझ आएंगे, तभी वे अपने बच्चों को इन तकनीकी कोर्सेज के लिए प्रेरित कर सकेंगे।” इसके साथ ही युवाओं को जागरूक करने के लिए राज्य के प्रमुख स्कूल-कॉलेजों के आसपास विभागीय योजनाओं और कोर्सेज से जुड़े बड़े होर्डिंग्स लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि छात्रों को सही समय पर सही जानकारी मिल सके।

16 तारीख को खुलेगा TVS का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, जुलाई से टाटा के शॉर्ट टर्म कोर्सेज
उत्तराखंड के युवाओं को देश की बड़ी कंपनियों के साथ मिलकर ट्रेनिंग देने की दिशा में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि: TVS सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: देहरादून (निरंजनपुर), श्रीनगर और अल्मोड़ा स्थित ITI में टीवीएस कंपनी के सहयोग से तैयार हो चुके ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का उद्घाटन आगामी 16 तारीख को होने जा रहा है। टाटा टेक्नोलॉजीज प्रोजेक्ट: विभाग द्वारा टाटा टेक्नोलॉजीज को सौंपे गए 13 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आगामी जुलाई महीने से शॉर्ट टर्म कोर्सेज शुरू कर दिए जाएंगे। इसके लिए जरूरी आधुनिक मशीनरी और ट्रेनर्स (प्रशिक्षक) टाटा कंपनी की ओर से उपलब्ध करा दिए गए हैं।

अब 45 ITI में लागू होगा DST मॉडल, 168 नए ट्रेनर्स की होगी तैनाती
युवाओं को किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रैक्टिकल अनुभव देने के लिए राज्य सरकार ‘ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग’ (DST) मॉडल पर तेजी से काम कर रही है। इस मॉडल के तहत छात्र 6 महीने आईटीआई में थ्योरी पढ़ेंगे और बाकी के 6 महीने सीधे कंपनियों में जाकर लाइव प्रोजेक्ट्स पर काम (प्रैक्टिकल ट्रेनिंग) करेंगे। मंत्री ने घोषणा की कि वर्तमान में चल रहे 32 DST मॉडल आईटीआई की संख्या को बढ़ाकर अब 45 किया जा रहा है। इसके अलावा, संस्थानों में शिक्षकों की कमी को दूर करने और पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए कौशल विकास विभाग जल्द ही 168 नए आईटीआई प्रशिक्षकों (ट्रेनर्स) की तैनाती करने जा रहा है।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के निदेशक संजय कुमार, संयुक्त निदेशक मनमोहन कुड़ियाल, उपनिदेशक शैलेन्द्र शर्मा समेत कई वरिष्ठ विभागीय अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें तय समय सीमा के भीतर सभी योजनाओं को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी दी गई है।

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